प्रस्तुत शोध अध्ययन "युवाओं की राजनीतिक चेतना के निर्माण में सोशल मीडिया का प्रभाव" विषय पर आधारित है। वर्तमान डिजिटल युग में सोशल मीडिया युवाओं के जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग बन गया है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, एक्स (ट्विटर), व्हाट्सएप तथा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म केवल संचार के साधन नहीं रह गए हैं, बल्कि वे सूचना प्रसार, जनमत निर्माण एवं राजनीतिक सहभागिता के प्रभावी माध्यम के रूप में भी उभरे हैं। इसी संदर्भ में यह अध्ययन युवाओं की राजनीतिक चेतना के निर्माण में सोशल मीडिया की भूमिका का विश्लेषण करने के उद्देश्य से किया गया। अध्ययन के प्रमुख उद्देश्यों में युवाओं द्वारा सोशल मीडिया के उपयोग का अध्ययन करना, राजनीतिक जागरूकता के निर्माण में सोशल मीडिया की भूमिका का विश्लेषण करना, राजनीतिक सहभागिता एवं राजनीतिक अभिव्यक्ति पर सोशल मीडिया के प्रभावों का मूल्यांकन करना तथा राजनीतिक चेतना के निर्माण में सोशल मीडिया के सकारात्मक एवं नकारात्मक प्रभावों का अध्ययन करना शामिल था। अध्ययन हेतु चार शून्य परिकल्पनाओं का निर्माण किया गया। प्रस्तुत अध्ययन की प्रकृति वर्णनात्मक एवं विश्लेषणात्मक रही। अध्ययन क्षेत्र के रूप में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का चयन किया गया। अध्ययन हेतु एक शासकीय विश्वविद्यालय (बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल) तथा एक निजी विश्वविद्यालय (भाभा विश्वविद्यालय, भोपाल) का चयन उद्देश्यपूर्ण निदर्शन विधि द्वारा किया गया। दोनों विश्वविद्यालयों से 18 से 30 वर्ष आयु वर्ग के सोशल मीडिया उपयोगकर्ता विद्यार्थियों का चयन सुविधाजनक निदर्शन विधि द्वारा किया गया। अध्ययन में कुल 300 उत्तरदाताओं को सम्मिलित किया गया। प्राथमिक तथ्यों के संकलन हेतु प्रश्नावली का उपयोग किया गया, जबकि द्वितीयक तथ्यों का संकलन पुस्तकों, शोध पत्रों, पत्रिकाओं तथा इंटरनेट स्रोतों से किया गया। अध्ययन के निष्कर्षों से ज्ञात हुआ कि अधिकांश युवा राजनीतिक जानकारी प्राप्त करने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं। सोशल मीडिया ने युवाओं की राजनीतिक जागरूकता, राजनीतिक सहभागिता तथा राजनीतिक विचार निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अध्ययन में यह पाया गया कि सोशल मीडिया के माध्यम से युवा राजनीतिक समाचारों, समसामयिक घटनाओं तथा सार्वजनिक मुद्दों से अधिक जुड़ाव महसूस करते हैं। इसके अतिरिक्त सोशल मीडिया राजनीतिक चर्चाओं में भागीदारी तथा राजनीतिक अभिव्यक्ति के लिए एक प्रभावी मंच के रूप में कार्य कर रहा है। सांख्यिकीय परीक्षणों के आधार पर अध्ययन की सभी शून्य परिकल्पनाएँ अस्वीकृत पाई गईं। परिणामों से यह स्पष्ट हुआ कि सोशल मीडिया और युवाओं की राजनीतिक जागरूकता, राजनीतिक सहभागिता तथा राजनीतिक विचार निर्माण के मध्य महत्वपूर्ण संबंध विद्यमान है। अध्ययन में यह भी पाया गया कि सोशल मीडिया के सकारात्मक प्रभावों के साथ-साथ फेक न्यूज, दुष्प्रचार एवं राजनीतिक ध्रुवीकरण जैसी चुनौतियाँ भी मौजूद हैं। समग्र रूप से अध्ययन यह निष्कर्ष प्रस्तुत करता है कि सोशल मीडिया युवाओं की राजनीतिक चेतना के निर्माण में एक महत्वपूर्ण एवं प्रभावशाली माध्यम के रूप में कार्य कर रहा है। अतः युवाओं में डिजिटल साक्षरता, तथ्यपरक राजनीतिक समझ एवं जिम्मेदार सोशल मीडिया उपयोग को प्रोत्साहित किया जाना आवश्यक है, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों एवं नागरिक सहभागिता को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
अरोड़ा, एन. डी. (2018). राजनीति विज्ञान. नई दिल्ली: मैकग्रा हिल एजुकेशन।
अवस्थी, ए. एवं अवस्थी, महेश (2019). भारतीय शासन एवं राजनीति. आगरा: लक्ष्मी नारायण अग्रवाल।
सिंह, आर. एन. (2020). आधुनिक राजनीतिक सिद्धांत. नई दिल्ली: पियर्सन एजुकेशन।
हेयवुड, एंड्रयू (2017). Political Science (4th Edition). London: Palgrave Macmillan.
Castells, Manuel (2015). Networks of Outrage and Hope: Social Movements in the Internet Age. Cambridge: Polity Press.
Shirky, Clay (2011). The Political Power of Social Media. New York: Foreign Affairs Publications.
Boulianne, Shelley (2020). “Twenty Years of Digital Media Effects on Civic and Political Participation.” Communication Research, 47(7), pp. 947–966.
Theocharis, Yannis & Quintelier, Ellen (2016). “Stimulating Citizenship or Expanding Entertainment?” Information, Communication & Society, 19(6), pp. 817–836.
Gil de Zúñiga, Homero et al. (2017). “Social Media Use for News and Individuals’ Social Capital.” Journal of Computer-Mediated Communication, 22(3), pp. 123–141.
Das, S. (2026). “Digital Democracy in India: Reconfiguring Political Participation in the Age of Social Media.” Journal of Social Sciences, 14(2), pp. 45–58.
डॉ. अनिवेद मिश्रा
467-478
10.5281/zenodo.21077429
Never miss any important news. Subscribe to our newsletter.